Q31. सरहुल पर्व किससे संबंधित है?
A. कृषि
B. देवपूजा
C. प्रकृति पूजा
D. युद्ध
✅ C) प्रकृति पूजा
सरहुल झारखंड का प्रमुख आदिवासी पर्व है, जो प्रकृति पूजा से संबंधित है। यह पर्व विशेष रूप से साल वृक्ष, जल, जंगल और भूमि के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए मनाया जाता है। आदिवासी समाज इसे नए वर्ष की शुरुआत मानता है। सरहुल पर्व झारखंड की सांस्कृतिक पहचान और पर्यावरण संरक्षण की भावना को दर्शाता है।
सरहुल झारखंड का प्रमुख आदिवासी पर्व है, जो प्रकृति पूजा से संबंधित है। यह पर्व विशेष रूप से साल वृक्ष, जल, जंगल और भूमि के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए मनाया जाता है। आदिवासी समाज इसे नए वर्ष की शुरुआत मानता है। सरहुल पर्व झारखंड की सांस्कृतिक पहचान और पर्यावरण संरक्षण की भावना को दर्शाता है।
Q32. झारखंड की प्रमुख फसल कौन-सी है?
A. गेहूं
B. मक्का
C. ज्वार
D. धान
✅ D) धान
झारखंड की प्रमुख फसल धान है। राज्य की जलवायु और वर्षा आधारित कृषि व्यवस्था धान की खेती के लिए अनुकूल है। ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में अधिकांश किसान धान की खेती पर निर्भर हैं। यही कारण है कि झारखंड की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण जीवन में धान का विशेष महत्व माना जाता है।
झारखंड की प्रमुख फसल धान है। राज्य की जलवायु और वर्षा आधारित कृषि व्यवस्था धान की खेती के लिए अनुकूल है। ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में अधिकांश किसान धान की खेती पर निर्भर हैं। यही कारण है कि झारखंड की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण जीवन में धान का विशेष महत्व माना जाता है।
Q33. दामोदर नदी परियोजना किससे संबंधित है?
A. सिंचाई
B. विद्युत उत्पादन
C. बाढ़ नियंत्रण
D. पेयजल
✅ C) बाढ़ नियंत्रण
दामोदर नदी परियोजना का प्रमुख उद्देश्य बाढ़ नियंत्रण है। दामोदर नदी को पहले “बंगाल का शोक” कहा जाता था क्योंकि इससे बार-बार बाढ़ आती थी। इस परियोजना के अंतर्गत बांधों का निर्माण कर बाढ़ नियंत्रण, जल प्रबंधन और विद्युत उत्पादन जैसे कार्य किए गए, जिससे क्षेत्र का विकास संभव हुआ।
दामोदर नदी परियोजना का प्रमुख उद्देश्य बाढ़ नियंत्रण है। दामोदर नदी को पहले “बंगाल का शोक” कहा जाता था क्योंकि इससे बार-बार बाढ़ आती थी। इस परियोजना के अंतर्गत बांधों का निर्माण कर बाढ़ नियंत्रण, जल प्रबंधन और विद्युत उत्पादन जैसे कार्य किए गए, जिससे क्षेत्र का विकास संभव हुआ।
Q34. झारखंड में कुल जिले कितने हैं?
A. 22
B. 23
C. 24
D. 25
✅ C) 24
झारखंड राज्य में वर्तमान में कुल 24 जिले हैं। राज्य गठन के बाद प्रशासनिक सुविधा और विकास को ध्यान में रखते हुए जिलों का पुनर्गठन किया गया। प्रत्येक जिले का अपना प्रशासनिक ढांचा है, जो स्थानीय स्तर पर शासन व्यवस्था को मजबूत बनाता है और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में सहायक होता है।
झारखंड राज्य में वर्तमान में कुल 24 जिले हैं। राज्य गठन के बाद प्रशासनिक सुविधा और विकास को ध्यान में रखते हुए जिलों का पुनर्गठन किया गया। प्रत्येक जिले का अपना प्रशासनिक ढांचा है, जो स्थानीय स्तर पर शासन व्यवस्था को मजबूत बनाता है और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में सहायक होता है।
Q35. झारखंड विधानसभा में कुल कितनी सीटें हैं?
A. 75
B. 81
C. 90
D. 100
✅ B) 81
झारखंड विधानसभा में कुल 81 सीटें हैं। इनमें से कुछ सीटें अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं। विधानसभा राज्य की सर्वोच्च विधायी संस्था है, जहाँ जनप्रतिनिधि कानून निर्माण, बजट पारित करने और राज्य की नीतियों पर चर्चा करते हैं। यह लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है।
झारखंड विधानसभा में कुल 81 सीटें हैं। इनमें से कुछ सीटें अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं। विधानसभा राज्य की सर्वोच्च विधायी संस्था है, जहाँ जनप्रतिनिधि कानून निर्माण, बजट पारित करने और राज्य की नीतियों पर चर्चा करते हैं। यह लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है।
Q36. झारखंड का उच्च न्यायालय कहाँ स्थित है?
A. जमशेदपुर
B. धनबाद
C. बोकारो
D. रांची
✅ D) रांची
झारखंड का उच्च न्यायालय रांची में स्थित है। राज्य गठन के बाद झारखंड उच्च न्यायालय की स्थापना की गई थी। यह न्यायालय राज्य में न्यायिक मामलों का सर्वोच्च मंच है। यहाँ से निचली अदालतों के फैसलों की समीक्षा होती है और संवैधानिक व कानूनी मामलों का निपटारा किया जाता है।
झारखंड का उच्च न्यायालय रांची में स्थित है। राज्य गठन के बाद झारखंड उच्च न्यायालय की स्थापना की गई थी। यह न्यायालय राज्य में न्यायिक मामलों का सर्वोच्च मंच है। यहाँ से निचली अदालतों के फैसलों की समीक्षा होती है और संवैधानिक व कानूनी मामलों का निपटारा किया जाता है।
Q37. झारखंड का प्रसिद्ध जलप्रपात कौन-सा है?
A. दशम
B. जोंहा
C. हुंडरू
D. हिरणी
✅ C) हुंडरू
हुंडरू जलप्रपात झारखंड का सबसे प्रसिद्ध और ऊँचा जलप्रपात माना जाता है। यह अपनी विशाल जलधारा और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाता है। मानसून के समय इसका दृश्य अत्यंत मनोहारी होता है। यह जलप्रपात राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है और बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करता है।
हुंडरू जलप्रपात झारखंड का सबसे प्रसिद्ध और ऊँचा जलप्रपात माना जाता है। यह अपनी विशाल जलधारा और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाता है। मानसून के समय इसका दृश्य अत्यंत मनोहारी होता है। यह जलप्रपात राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है और बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करता है।
Q38. हुंडरू जलप्रपात किस नदी पर स्थित है?
A. दामोदर
B. कोयल
C. स्वर्णरेखा
D. बराकर
✅ C) स्वर्णरेखा
हुंडरू जलप्रपात स्वर्णरेखा नदी पर स्थित है। यह नदी झारखंड की प्रमुख नदियों में से एक है। हुंडरू जलप्रपात पर स्वर्णरेखा नदी ऊँचाई से गिरती है, जिससे एक विशाल और आकर्षक दृश्य उत्पन्न होता है। यह स्थान प्राकृतिक पर्यटन और फोटोग्राफी के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है।
हुंडरू जलप्रपात स्वर्णरेखा नदी पर स्थित है। यह नदी झारखंड की प्रमुख नदियों में से एक है। हुंडरू जलप्रपात पर स्वर्णरेखा नदी ऊँचाई से गिरती है, जिससे एक विशाल और आकर्षक दृश्य उत्पन्न होता है। यह स्थान प्राकृतिक पर्यटन और फोटोग्राफी के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है।
Q39. झारखंड की सबसे बड़ी झील कौन-सी है?
A. रुक्मिणी झील
B. कांके डैम
C. बिरसा मुंडा झील
D. हुंडरू झील
✅ C) बिरसा मुंडा झील
बिरसा मुंडा झील झारखंड की सबसे बड़ी झील मानी जाती है। यह रांची के निकट स्थित है और जल संरक्षण व पेयजल आपूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह झील पर्यटन के दृष्टिकोण से भी विकसित की गई है। इसका नाम महान जनजातीय नेता बिरसा मुंडा के सम्मान में रखा गया है।
बिरसा मुंडा झील झारखंड की सबसे बड़ी झील मानी जाती है। यह रांची के निकट स्थित है और जल संरक्षण व पेयजल आपूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह झील पर्यटन के दृष्टिकोण से भी विकसित की गई है। इसका नाम महान जनजातीय नेता बिरसा मुंडा के सम्मान में रखा गया है।
Q40. झारखंड का राजकीय फूल कौन-सा है?
A. कमल
B. गुलाब
C. पलाश
D. सूरजमुखी
✅ C) पलाश
पलाश झारखंड का राजकीय फूल है। इसे “जंगल की आग” भी कहा जाता है क्योंकि इसके लाल-नारंगी फूल दूर से अग्नि जैसे दिखाई देते हैं। पलाश आदिवासी संस्कृति, लोककथाओं और पारंपरिक त्योहारों में विशेष महत्व रखता है। यह वृक्ष पर्यावरणीय और औषधीय दृष्टि से भी उपयोगी माना जाता है।
पलाश झारखंड का राजकीय फूल है। इसे “जंगल की आग” भी कहा जाता है क्योंकि इसके लाल-नारंगी फूल दूर से अग्नि जैसे दिखाई देते हैं। पलाश आदिवासी संस्कृति, लोककथाओं और पारंपरिक त्योहारों में विशेष महत्व रखता है। यह वृक्ष पर्यावरणीय और औषधीय दृष्टि से भी उपयोगी माना जाता है।